कक्षा 8 Science अध्याय 13: प्रकाश
अच्छा बच्चों, जरा बताओ—रात को बिजली बंद हो जाए, तब अचानक कमरे की चीज़ें गायब-जैसी क्यों लगने लगती हैं? दरअसल, हमारे आँखें अपने-आप कुछ “देख” नहीं पातीं। किसी वस्तु को हम तब ही देख पाते हैं जब उस वस्तु से आने वाला प्रकाश हमारे नेत्रों में प्रवेश करे। देखो, बात बहुत सीधी है: प्रकाश चाहिए, तभी तो आँख तक “सिग्नल” पहुँचेगा। और ये प्रकाश दो तरीकों से आ सकता है—एक तो वस्तु खुद प्रकाश उत्सर्जित करे, जैसे बल्ब/टॉर्च की रोशनी।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- वस्तुएँ तभी दिखती हैं जब प्रकाश आँख तक पहुँचे
- आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब
- परावर्तन के नियम (आपतन कोण = परावर्तन कोण)
- नियमित और विसरित परावर्तन
- दर्पण से आभासी प्रतिबिंब और पाश्र्व-परिवर्तन
- बहु-प्रतिबिंब: दो समतल दर्पण और वैफलाइडोस्कोप
- प्रकाश का विक्षेपण और इन्द्रधनुष जैसे रंग
- मानव नेत्र: दृष्टि की संरचना और कार्यप्रणाली
- दृष्टि-दोष, नेत्रों की देखभाल और चाक्षुष-विकृति सहायता
वीडियो पाठ (6 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — बच्चो, देखने के लिए आँखें तैयार रहती हैं, पर असली ज़रूरत प्रकाश की है। वस्तु तब दिखती है जब वस्तु से आने वाला प्रकाश हमारे नेत्रों में प्रवेश करे। यह प्रकाश वस्तु खुद उत्सर्जित कर सकती है, जैसे बल्ब, या फिर वस्तु उस पर पड़े प्रकाश को परावर्तित करके वापस भेज सकती है। अंधेरे में वस्तु गायब नहीं होती—बस प्रकाश आँख तक नहीं पहुँचता, इसलिए हम उसे नहीं देख पाते।
संक्षेप में — बच्चो, परावर्तन समझने के लिए तीन नाम याद रखो: जो किरण दर्पण पर गिरती है वो ‘आपतित किरण’, जो टकराकर वापस निकलती है वो ‘परावर्तित किरण’। और सबसे जरूरी—आपतन बिंदु पर दर्पण के 90° पर जो सीधी रेखा खींचते हैं, उसे ‘अभिलंब’ कहते हैं। इन तीनों को सही जगह पर पहचानोगे तो आगे का नियम और कोणों की माप भी आसान हो जाएगी।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — लिखो: “वस्तु तभी दिखती है जब प्रकाश आँख तक पहुँचे” — यही सीधा बोर्ड-उत्तर है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — प्रश्न में ‘अभिलंब’ आए तो साफ लिखो: आपतन बिंदु पर दर्पण के 90° पर।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — दिए गए आपतन कोण को सीधे परावर्तन कोण मान लो: ∠त = ∠प.
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — NCERT में अक्सर पूछा जाता है: नियमित-परावर्तन में समान्तर किरणें समान्तर रहती हैं।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर कहते हैं—“अंधेरे में वस्तु गायब हो जाती है।” नहीं, वस्तु गायब नहीं होती; फर्क बस इतना है कि प्रकाश आँख तक नहीं पहुँचता।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर अभिलंब और दर्पण—दोनों को एक ही समझ लेते हैं। याद रखो, अभिलंब दर्पण की सतह के साथ नहीं चलता—वो आपतन बिंदु पर दर्पण के साथ 90° पर सीधी खींची जाती है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह गलती करते हैं कि वे ‘दर्पण की सतह’ के साथ कोण नाप देते हैं—जबकि सही कोण हमेशा अभिलंब (normal) के साथ नापना होता है।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — याद रखो: “देखने के लिए आँख नहीं—प्रकाश चाहिए!”
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — Normal = “नॉर्मल” यानी सीधी-लंब रेखा (90° पर) — इसलिए अभिलंब याद रखो ‘सीधा 90°’।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — रात में टॉर्च ऑन करते ही चीज़ें दिखने लगती हैं चमकदार पॉलिश/काँच पर रोशनी पड़ते ही वह चमकता दिखता है बिना बल्ब के अँधेरा कमरे में किताब का रंग साफ नहीं दिखता
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — आईने के सामने मुँह करके रोशनी/टॉर्च डालने पर वापस आना दीवार पर टेप/स्केल लगाकर ‘सीधा’ निशान बनाना (90° वाला अंदाज़) स्कूल में प्रार्थना के समय झंडे की लहर—दिशा बदलती दिखती है, वैसे ही किरण भी मुड़ती है
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — अँधेरे में हम चीज़ें क्यों नहीं देख पाते? कौन-सी स्थिति में वस्तु दिखेगी—जब प्रकाश आँख तक पहुँचे या जब न पहुँचे? किसी चमकदार पृष्ठ को हम किस वजह से ज्यादा साफ देखते हैं? यदि किसी वस्तु के पास रोशनी है लेकिन वह प्रकाश वस्तु तक नहीं पहुँच रहा, तो वस्तु दिखाई देगी?
अब खुद अभ्यास कीजिए — दर्पण की सतह पर गिरने वाली किरण को क्या कहते हैं? दर्पण से टकराने के बाद जो किरण वापस जाती है, उसे क्या कहते हैं? अभिलंब किस बिंदु पर और किस कोण पर खींचा जाता है?
अब खुद अभ्यास कीजिए — आपतन कोण 30° है। परावर्तन कोण कितना होगा? ∠प = 15° है तो ∠त = ? एक चित्र में अभिलंब खींचा है। आपतित किरण और अभिलंब के बीच 40° दिख रहा है। परावर्तित किरण को अभिलंब से कितने कोण पर खींचोगे? यदि आपतन कोण 0° हो, तो परावर्तन कोण कितना होगा और परावर्तन किस तरह होगा (दिशा का संकेत)?
अब खुद अभ्यास कीजिए — चिकनी/पॉलिश पृष्ठ पर समान्तर किरणें परावर्तित होकर कैसी रहती हैं? खुरदरी सतह पर परावर्तित किरणें एक जैसी दिशा में जाती हैं या बिखरती हैं? अगर परावर्तन का नियम ∠प = ∠त है, तो विसरित परावर्तन में भी क्या यह नियम लागू रहता है? कारण लिखो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 8 Science अध्याय 13 'प्रकाश' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 6 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'प्रकाश' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: वस्तुएँ तभी दिखती हैं जब प्रकाश आँख तक पहुँचे, आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब, परावर्तन के नियम (आपतन कोण = परावर्तन कोण), नियमित और विसरित परावर्तन, दर्पण से आभासी प्रतिबिंब और पाश्र्व-परिवर्तन, बहु-प्रतिबिंब: दो समतल दर्पण और वैफलाइडोस्कोप।
क्या 'प्रकाश' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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