कक्षा 12 Political Science (Politics in India Since Indepen अध्याय 5: कांग्रेस प्रणाली_ चुनौतियाँ और पुनर्स्था
अच्छा बच्चों, आज हम एक ऐसी बात पर चर्चा करेंगे जो हमारे देश भारत के इतिहास में बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ थी। सोचो, जब घर के बड़े-बुजुर्ग, जिनकी सब सुनते हैं, जिनकी बात से फैसले होते हैं, अचानक चले जाएं... तो घर में कैसा लगेगा? सब परेशान हो जाते हैं ना? कौन संभालेगा, कैसे चलेगा सब कुछ? बस कुछ ऐसी ही स्थिति हमारे देश के सामने आई थी 1964 में, जब हमारे पहले प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का देहांत हो गया।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- नेहरू के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार की चुनौती
- शास्त्री का कार्यकाल और प्रमुख चुनौतियाँ
- इंदिरा गांधी का सत्ता में आना
- 1967 के चौथे आम चुनावों का संदर्भ
- गैर-कांग्रेसवाद की रणनीति
- 1967 के चुनावों के परिणाम
- गठबंधन और दल-बदल की राजनीति
- कांग्रेस में आंतरिक विभाजन: इंदिरा बनाम सिंडिकेट
- राष्ट्रपति पद का चुनाव, 1969 और बैंक राष्ट्रीयकरण
- प्रिवी पर्स की समाप्ति
- 1971 का चुनाव: 'गरीबी हटाओ' और कांग्रेस का पुनरुत्थान
- कांग्रेस प्रणाली की बदलती प्रकृति
वीडियो पाठ (7 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने समझा कि 1964 में नेहरू जी का निधन भारत के लिए एक बड़ी परीक्षा थी। यह सिर्फ एक नेता के जाने की बात नहीं थी, बल्कि हमारे नव-स्वतंत्र लोकतंत्र के भविष्य पर एक सवालिया निशान था। पूरी दुनिया देख रही थी कि क्या भारत इस चुनौती से निपट पाएगा।
संक्षेप में — तो बच्चों, 1967 के चौथे आम चुनाव सिर्फ़ एक सामान्य चुनाव नहीं थे। ये ऐसे समय में हुए थे जब हमारा देश गंभीर आर्थिक संकट से गुज़र रहा था। सूखे और खाद्य संकट ने लोगों को परेशान कर रखा था, रुपये का अवमूल्यन हो गया था, महंगाई आसमान छू रही थी और बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या थी। इस सब ने मिलकर सरकार के प्रति लोगों में बहुत गुस्सा भर दिया था, और इसी गुस्से ने आने वाले चुनावों के नतीजों को बहुत प्रभावित किया।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा में अक्सर 2 या 4 अंकों में पूछा जाता है कि नेहरू के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार की चुनौती क्या थी और इसे कैसे हल किया गया।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह भाग बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 1967 के चुनावी परिणामों की पृष्ठभूमि समझाता है। आर्थिक संकट के कारणों और प्रभावों पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह विषय बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर पूछा जाता है कि 1967 के चुनावों के परिणाम कांग्रेस प्रणाली के लिए क्या मायने रखते थे, या किन राज्यों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह टॉपिक बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 'सिंडिकेट' कौन था, इंदिरा गांधी की नीतियां क्या थीं, और विभाजन के क्या कारण व परिणाम थे — इन बिंदुओं को अच्छे से याद करना।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि यह सिर्फ एक प्रधानमंत्री बदलने की घटना थी। पर नहीं, यह उससे कहीं बढ़कर, हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे की परीक्षा थी।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर शास्त्री जी के कार्यकाल की अवधि को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं। याद रखना, यह बहुत छोटा कार्यकाल था – सिर्फ दो साल।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह सोचते हैं कि क्योंकि इंदिरा गांधी नेहरू जी की बेटी थीं, इसलिए उन्हें आसानी से प्रधानमंत्री बना दिया गया।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — नेहरू गए (1964), शास्त्री आए, लोकतंत्र बचा, भारत मुस्काए!
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — शास्त्री जी के दो साल के कार्यकाल की दो बड़ी चुनौतियाँ: 'खेती' (सूखा) और 'सेना' (युद्ध)। और नारा भी 'जय जवान, जय किसान' — जवान यानी सेना, किसान यानी खेती।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे गाँव के सरपंच जी, जिनका सब सम्मान करते हैं, उनके बाद कौन नया सरपंच बनेगा, यह चिंता पूरे गाँव को होती है। किसी बड़े संयुक्त परिवार में मुखिया के जाने के बाद, घर को कौन सही दिशा देगा, यह सवाल उठना।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे घर में अचानक पिताजी की नौकरी छूट जाए और साथ ही बाढ़ आ जाए, तो कितनी मुश्किलें एक साथ आ जाती हैं। किसान की फसल लगातार दो साल खराब हो जाए और उसे बैंक से लोन भी न मिले, तो उसकी स्थिति कैसी हो जाती है?
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — नेहरू जी का निधन किस वर्ष हुआ था? नेहरू जी के बाद भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन बना? नेहरू के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार की चुनौती को 'लोकतंत्र के भविष्य का सवाल' क्यों कहा गया? नेहरू के निधन के समय भारत के सामने बाहरी देशों को क्या मुख्य संदेह था?
अब खुद अभ्यास कीजिए — शास्त्री जी का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल किस वर्ष से किस वर्ष तक था? शास्त्री जी ने भारत के सैनिकों और किसानों के सम्मान में कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था? शास्त्री जी के कार्यकाल की किन्हीं दो प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।
अब खुद अभ्यास कीजिए — लाल बहादुर शास्त्री का निधन किस वर्ष हुआ? इंदिरा गांधी के खिलाफ प्रधानमंत्री पद के लिए कौन से नेता उम्मीदवार थे? कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का चुनाव किस प्रक्रिया से किया?
अब खुद अभ्यास कीजिए — 1967 के चुनावों से पहले भारत में कितने प्रधानमंत्रियों का जल्दी-जल्दी निधन हुआ था? 1967 के समय भारत की कौन सी बड़ी आर्थिक समस्या थी? रुपये के अवमूल्यन का क्या अर्थ है और 1967 में इसका डॉलर से क्या अनुपात था?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 12 Political Science (Politics in India Since Indepen अध्याय 5 'कांग्रेस प्रणाली_ चुनौतियाँ और पुनर्स्था' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 7 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'कांग्रेस प्रणाली_ चुनौतियाँ और पुनर्स्था' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: नेहरू के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार की चुनौती, शास्त्री का कार्यकाल और प्रमुख चुनौतियाँ, इंदिरा गांधी का सत्ता में आना, 1967 के चौथे आम चुनावों का संदर्भ, गैर-कांग्रेसवाद की रणनीति, 1967 के चुनावों के परिणाम।
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