कक्षा 8 History अध्याय 3: देशी जनता को सभ्य बनाना, राष्ट्र को शिक्
अच्छा बताओ, जब हमारे घर में कोई बड़ा मेहमान आता है, तो हम क्या करते हैं? हम अपने घर को साफ-सुथरा दिखाते हैं ना? उन्हें अच्छी बातें बताते हैं। बिल्कुल वैसे ही, जब अंग्रेज भारत में आए, तो उन्होंने सिर्फ़ ज़मीन या पैसे पर राज नहीं किया, बल्कि वे हमारे पूरे समाज को 'सभ्य' बनाना चाहते थे। 'Civilize' करना चाहते थे, ऐसा उन्होंने सोचा।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ोइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- ब्रिटिश शासन और भारतीय शिक्षा पर उसका प्रभाव
- प्राच्यवाद की परंपरा: विलियम जोन्स और भारतीय संस्कृति का सम्मान
- प्राच्यवादी संस्थानों की स्थापना और उनके उद्देश्य
- प्राच्यवाद का विरोध: 'पूरब की जघन्य गलतियाँ'
- थॉमस मैकॉले और अंग्रेजी शिक्षा का प्रभुत्व
- वुड का नीतिपत्र (वुड्स डिस्पैच) और व्यावसायिक शिक्षा
- ईसाई प्रचारकों की शिक्षा में भूमिका
- विलियम एडम की रिपोर्ट: स्थानीय पाठशालाओं की स्थिति
- ब्रिटिश शासन द्वारा स्थानीय पाठशालाओं का पुनर्गठन
- महात्मा गांधी की अंग्रेजी शिक्षा की आलोचना
- गांधीजी का 'साक्षरता ही शिक्षा नहीं' सिद्धांत और हस्तकला पर जोर
- रवीन्द्रनाथ टैगोर का 'शांतिनिकेतन' और रचनात्मक शिक्षा
वीडियो पाठ (4 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, हमने देखा कि अंग्रेज सिर्फ भारत की ज़मीन या पैसे पर राज नहीं करना चाहते थे, बल्कि उनका एक बड़ा 'सांस्कृतिक मिशन' भी था। वे हमें 'सभ्य' बनाना चाहते थे और हमारे 'Customs' और 'Values' को बदलना चाहते थे। उनका मानना था कि हमें 'Educate' करके वे हमें 'अच्छी प्रजा' बना सकते हैं। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव लाने का सोचा, जिस पर कई सालों तक चर्चा चलती रही।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने विलियम जोन्स के बारे में जाना। वह एक ऐसे अंग्रेज अधिकारी थे जो हमारी भारतीय संस्कृति, भाषाओं और प्राचीन ग्रंथों का बहुत सम्मान करते थे। उन्होंने माना कि भारत का एक महान अतीत था और इसे समझने के लिए हमें अपनी पुरानी किताबों को पढ़ना चाहिए। उन्होंने 'एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल' बनाकर भारतीय ज्ञान को सहेजने का बहुत बड़ा काम किया।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह अवधारणा बोर्ड परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ब्रिटिश शासन की विचारधारा को समझने की नींव रखती है। अक्सर इससे जुड़े प्रश्न 'उनकी सोच' और 'उनके उद्देश्यों' के बारे में पूछे जाते हैं।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — विलियम जोन्स और एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल के योगदान पर अक्सर लघु उत्तरीय प्रश्न आते हैं, तो इसे अच्छे से याद रखना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह प्रश्न सीधे-सीधे पूछा जा सकता है कि प्राच्यवादी संस्थानों के नाम और उनके स्थापना वर्ष लिखें, तो दोनों नाम और वर्ष ज़रूर याद रखना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — जेम्स मिल और मैकॉले के विचारों को अच्छे से समझकर याद रखो, क्योंकि अक्सर बोर्ड परीक्षा में प्राच्यवाद के विरोध पर प्रश्न आते हैं, खासकर मैकॉले के 'मिनट्स' पर।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। कई बार बच्चे सोचते हैं कि अंग्रेजों का भारत पर राज करने का मकसद सिर्फ पैसा कमाना था, लेकिन वे ये 'cultural mission' वाला हिस्सा भूल जाते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि सारे अंग्रेज भारत को बुरा ही मानते थे। लेकिन नहीं, विलियम जोन्स जैसे प्राच्यवादी भारतीय संस्कृति का बहुत सम्मान करते थे, यह बात हमें याद रखनी है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे कभी-कभी सोचते हैं कि ये संस्थान सिर्फ़ अंग्रेज़ों की सहूलियत के लिए थे, लेकिन असल में इनका एक बड़ा उद्देश्य भारतीय ज्ञान और संस्कृति को संरक्षित करना और बढ़ावा देना भी था।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — सोचो, C फॉर 'Culture' और C फॉर 'Civilize'! अंग्रेज हमारे कल्चर को सिविलिज़ करना चाहते थे।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — जोन्स ने 'ज्ञान' को 'संजोया' — विलियम जोन्स ने भारतीय ज्ञान को संजोया।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे बड़े-बुजुर्ग घर में बच्चों को कुछ खास तरीके से कपड़े पहनने या बोलने को कहते हैं, अंग्रेजों ने भी सोचा कि वे भारतीयों को ऐसा ही सिखाएंगे।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे किसी ने पुराने लोकगीतों को इकट्ठा करके किताब बना दी हो। या किसी ने पुराने मंदिरों की कला को पढ़कर उसका मतलब समझाया हो।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — अंग्रेजों को क्यों लगा कि उन्हें भारतीय समाज को 'सभ्य' बनाना है? ब्रिटिश शासन का एक 'सांस्कृतिक मिशन' क्या था? ब्रिटिश शासन के लिए भारतीय शिक्षा का क्या महत्व था? क्या ब्रिटिश अधिकारी भारतीय शिक्षा के उद्देश्य पर एकमत थे? संक्षेप में बताएं।
अब खुद अभ्यास कीजिए — विलियम जोन्स किस वर्ष कलकत्ता आए थे? उन्होंने कौन सी भारतीय भाषा सीखी? विलियम जोन्स ने किस संस्था की स्थापना की थी? विलियम जोन्स और प्राच्यवादी भारतीय संस्कृति के बारे में क्या राय रखते थे?
अब खुद अभ्यास कीजिए — कलकत्ता मदरसा की स्थापना किस वर्ष हुई? बनारस हिन्दू कॉलेज में मुख्य रूप से किसकी शिक्षा दी जाती थी? प्राच्यवादी संस्थानों की स्थापना के पीछे प्राच्यवादियों के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
अब खुद अभ्यास कीजिए — प्राच्यवाद का विरोध करने वाले ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, पूर्वी समाज का ज्ञान कैसा था? जेम्स मिल ने किस तरह की शिक्षा को 'उपयोगी और व्यावहारिक' बताया? थॉमस बैबिंगटन मैकॉले ने भारतीय शिक्षा के बारे में क्या कहा था?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 8 History अध्याय 3 'देशी जनता को सभ्य बनाना, राष्ट्र को शिक्' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 4 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'देशी जनता को सभ्य बनाना, राष्ट्र को शिक्' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: ब्रिटिश शासन और भारतीय शिक्षा पर उसका प्रभाव, प्राच्यवाद की परंपरा: विलियम जोन्स और भारतीय संस्कृति का सम्मान, प्राच्यवादी संस्थानों की स्थापना और उनके उद्देश्य, प्राच्यवाद का विरोध: 'पूरब की जघन्य गलतियाँ', थॉमस मैकॉले और अंग्रेजी शिक्षा का प्रभुत्व, वुड का नीतिपत्र (वुड्स डिस्पैच) और व्यावसायिक शिक्षा।
क्या 'देशी जनता को सभ्य बनाना, राष्ट्र को शिक्' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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