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कक्षा 8 Hindi अध्याय 5: क्या निराश हुआ जाए

अच्छा बच्चों, सोचो… जब सुबह अखबार खोलो तो बस एक ही तरह की खबरें दिखती हैं—ठगी, दगाबाज़ी, चोरी, तस्करी, भ्रष्टाचार। अब बताओ, ऐसे माहौल में तुम्हारा मन भी तो बैठ जाएगा, है ना? देखो, लेखक कहता है कि जब रोज़-रोज़ ऐसे समाचार सामने आते हैं, तो “मेरा मन कभी-कभी बैठ जाता है”—मतलब मन हल्का नहीं रहता, बेचैनी बढ़ती है। फिर अगला असर और भी खतरनाक होता है—“हर व्यक्ति संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है।

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इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे

वीडियो पाठ (4 भाग)

▶ भाग 1▶ भाग 2▶ भाग 3▶ भाग 4

अध्याय का सारांश

संक्षेप में — जब अखबार में लगातार ठगी, चोरी, तस्करी और भ्रष्टाचार जैसी खबरें दिखती हैं, और चारों तरफ आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बन जाता है, तब लेखक का मन बैठ जाता है—यानी निराशा की शुरुआत होती है। फिर इस निराशा का असर सीधे सोच पर पड़ता है: लोग हर व्यक्ति को शक की नज़र से देखने लगते हैं। और सबसे दर्द की बात यह कि ईमानदार लोग भी विचलित हो जाते हैं, क्योंकि भरोसा कम होने लगता है।
संक्षेप में — बच्चो, लेखक “सुखी वही जो कुछ नहीं करता” को सही नहीं मानता। वह कहता है—काम शुरू होते ही कुछ लोग गुण देखने के बजाय दोष ढूँढते हैं, और दोषों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। जब दोष हर जगह दिखें और सुधार की सोच न रहे, तब डर और चिंता फैलती है। इसलिए असली बात काम छोड़ना नहीं, बल्कि नजर और सोच बदलना है।

परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें

बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — उत्तर हमेशा ‘कारण + असर’ फॉर्मेट में लिखो।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — लेखक का तर्क लिखो: दोष हर जगह—समस्या नजर की सोच है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — उत्तर लिखते समय 2 बातें जरूर लिखना: ‘प्रधान शक्ति’ और ‘भीतर के महान गुण’।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — उत्तर में लिखो: “कानून व्यवस्था”, “धर्म नैतिकता”—और अवसरवाद कैसे बढ़ता है।

आम गलतियाँ — इनसे बचें

रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सिर्फ “खबरें बुरी हैं” इतना ही लिख देते हैं—पर सवाल होता है ‘निराशा होती क्यों है और उसका असर क्या पड़ता है।’ सिर्फ घटना नहीं, लोगों की सोच पर असर भी लिखना जरूरी है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यही मान लेते हैं कि “दोष तो जरूर मिलेंगे, इसलिए कुछ मत करो।” जबकि लेखक कहता है कि दोष मिलना समस्या नहीं—दोष-खोज वाली सोच समस्या है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोच लेते हैं कि लोभ-मोह-क्रोध आना ही बुराई है—जबकि लेखक कहता है बुराई तब है जब हम इन्हें ही चलाने वाला मान लें और मन को उन्हीं के इशारे पर छोड़ दें।

याद रखने की आसान ट्रिक

इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — निराशा = खबरों का जोर, असर = शक का शोर।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — काम पर दोष—गुण गायब: यही कारण चिंता का बढ़ना है।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में

इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — टीवी पर रोज़ घोटाले की खबरें देखकर मन खिन्न हो जाना पड़ोस में किसी के सामान चोरी होने के बाद सबका शक करने लगना किसी नेता/अधिकारी पर आरोप सुनते ही हर बात में दोष ढूँढना
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — खेत में नई फसल बोओ—कुछ लोग तुरंत कहेंगे “नहीं होगा” और अच्छे परिणाम नहीं देखेंगे स्कूल में कोई खेल-टीम बनाए—टिप्पणी सिर्फ कमियों पर, मेहनत पर नहीं घर में किसी ने मरम्मत/सजावट शुरू की—लोग पहले दोष निकालते, फिर तारीफ भूल…

अभ्यास प्रश्न

अब खुद अभ्यास कीजिए — लेखक के मुताबिक निराशा किस वजह से होती है? निराशा का असर सबसे पहले किस पर दिखता है? लेखक ने ‘हर व्यक्ति संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है’ क्यों कहा होगा? अगर समाज में खूब आरोप-प्रत्यारोप चलें तो ईमानदार लोगों का मन क्यों विचलित होता है? लेखक के विचार के आधार पर 2 बातें लिखो।
अब खुद अभ्यास कीजिए — लेखक के मुताबिक काम करते ही लोग किस काम की तरफ ज़्यादा ध्यान देने लगते हैं? गुणों का क्या होता है जब दोषों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है? “सुखी वही जो कुछ नहीं करता” क्यों गलत सोच है? एक कारण लिखो।
अब खुद अभ्यास कीजिए — लोभ-मोह और काम-क्रोध मन में आना कैसा माना गया है? लेखक के अनुसार बुरा आचरण कब कहलाता है? भौतिक संग्रह को सर्वोच्च क्यों नहीं माना गया? लेख के अनुसार काम-काज/कानून बनने के बाद भी समस्या क्यों आ जाती है?
अब खुद अभ्यास कीजिए — कानून मुख्य रूप से क्या करता है? धर्म का आधार किससे जुड़ा होता है? अगर कोई व्यक्ति कानून की खामी का फायदा उठाकर बच निकलता है, तो धर्म की दृष्टि से क्या स्थिति बनेगी? लेखक ‘अवसरवादी लोगों’ के कानून की त्रुटियों से लाभ उठाने की बात क्यों करते हैं? एक कारण समझाइए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 8 Hindi अध्याय 5 'क्या निराश हुआ जाए' कहाँ से पढ़ें?

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'क्या निराश हुआ जाए' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय: निराशा का कारण और उसका असर, सुखी वही जो कुछ नहीं करता—क्यों गलत सोच है?, भारत की आत्मा: भीतर के महान गुण, कानून और धर्म का अंतर, आस्था बनी रहती है: सेवा, ईमानदारी, सचाई, दोषों का पर्दाफाश: सही उद्देश्य बनाम रस लेना।

क्या 'क्या निराश हुआ जाए' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?

हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।

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