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कक्षा 7 Hindi अध्याय 3: फूल और काँटा

अच्छा बच्चो, ज़रा सोचो — बचपन में जब माँ सुबह उठाती थी तो क्या कहती थी? 'उठो लाल, अब आँखें खोलो। पानी लाई हूँ, मुँह धो लो।' यह प्यारी कविता आपने भी ज़रूर पढ़ी होगी। देखो ध्यान से, यह कविता लिखने वाले कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ ही हैं, जो 'फूल और काँटा' कविता के रचनाकार भी हैं। अरे वाह, इतनी सुंदर कविताएँ बच्चों के लिए लिखीं उन्होंने। उनका जन्म आजमगढ़ में हुआ था, उत्तर प्रदेश में।

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इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे

वीडियो पाठ (3 भाग)

▶ भाग 1▶ भाग 2▶ भाग 3

अध्याय का सारांश

संक्षेप में — तो बच्चो, हमने देखा कि अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का जन्म आजमगढ़ में हुआ, उन्होंने प्रियप्रवास जैसा महाकाव्य लिखा जो खड़ी बोली का पहला है, और बच्चों के लिए चंद्र-खिलौना, खेल-तमाशा जैसी प्यारी कविताएँ दीं। यही वजह है कि 'फूल और काँटा' जैसी कविता हमें इतनी अच्छी लगती है।
संक्षेप में — तो बच्चो, याद रखो — फूल और काँटा एक ही पौधे पर, एक ही चाँदनी, बारिश और हवा पाते हैं पर उनका ढंग अलग है। काँटा चुभता है, फूल खुशबू और प्यार बाँटता है। यही कविता का भाव है कि बड़प्पन कुल से नहीं, अपने अच्छे स्वभाव और काम से आता है।

परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें

बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — बोर्ड परीक्षा में कवि-परिचय के 2-3 अंक के प्रश्न आते हैं — जन्म-स्थान, प्रियप्रवास और बच्चों वाली रचनाएँ जरूर याद रखो।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — बोर्ड एग्जाम में यह पूछा जा सकता है कि कविता फूल और काँटे से क्या सिखाती है, इसलिए समानताएँ और अंतर दोनों लिखना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — परीक्षा में 'फूल और काँटे के स्वभाव में अंतर' पर 3-4 अंकों का प्रश्न आ सकता है — कविता की पंक्तियाँ उद्धृत करके लिखना, सिर्फ नाम न लिखना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह कविता 'प्रतीक' के रूप में बहुत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में अक्सर 'फूल और काँटे' के प्रतीकात्मक अर्थ पर सवाल आते हैं, तो इन्हें अच्छे से याद कर लेना।

आम गलतियाँ — इनसे बचें

रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यहाँ यह गलती करते हैं कि सिर्फ जन्म-स्थान याद रखते हैं, लेकिन उनकी बच्चों के लिए लिखी कविताओं और प्रियप्रवास महाकाव्य को भूल जाते हैं — दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यहाँ यह गलती करते हैं कि सिर्फ समानताएँ बता देते हैं, पर कविता तो यह भी बताती है कि स्वभाव कितना अलग है, वो भूल जाते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यहाँ यह गलती करते हैं कि सिर्फ फूल और काँटे का नाम बता देते हैं, पर उनके स्वभाव का अंतर — छेदना versus गोद देना — नहीं बताते, बस कह देते हैं दोनों अलग हैं।

याद रखने की आसान ट्रिक

इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — हरि-औध = हरि (भगवान) + औध (अयोध्या जैसा) — याद रखो, अयोध्या से जुड़े कवि जो बच्चों को 'हरि' की तरह प्यार से लिखते थे।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — अरे याद करने के लिए ऐसे सोचो, 'फूल तो है खूब फूल जैसा, हर दिल को भाए, सबका भला चाहे', और 'काँटा है तीखा, बस चुभना जाने, बुराई दिखाए'।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में

इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे गाँव के स्कूल में टीचर बच्चो को रामायण सुनाती है, वैसे ही हरिऔध जी ने प्रियप्रवास में राम-कथा को खड़ी बोली में लिखा।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — गाँव के एक ही परिवार में दो भाई, एक पढ़कर अच्छा इंसान बना, दूसरा गलत रास्ते पर — दोनों को एक जैसा खाना-कपड़ा मिला पर स्वभाव अलग स्कूल में दो बच्चे एक ही क्लास में, एक टीचर का प्यार पाकर भी दूसरों की मदद करता, दूसरा सिर्…

अभ्यास प्रश्न

अब खुद अभ्यास कीजिए — हरिऔध जी का जन्म कहाँ हुआ था? उनकी सबसे चर्चित रचना का नाम क्या है? हरिऔध जी ने बच्चों के लिए कौन-कौन सी कविताओं के संग्रह लिखे? उनका महत्व बताओ। प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य क्यों कहा जाता है और इससे हिंदी साहित्य को क्या लाभ हुआ?
अब खुद अभ्यास कीजिए — फूल और काँटे का जन्म कहाँ होता है? दोनों पर चाँद क्या डालता है? कविता के अनुसार काँटा क्या करता है और फूल क्या करता है? कविता क्यों कहती है कि कुल की बड़ाई काम नहीं देती? उदाहरण देकर समझाओ।
अब खुद अभ्यास कीजिए — काँटा किस-किस को चुभता है? फूल तितलियों को क्या देता है? फूल और काँटे दोनों को एक समान क्या मिलता है? कविता के अनुसार बड़प्पन किससे आता है — कुल से या स्वभाव से? फूल-काँटे का उदाहरण देकर लिखो।
अब खुद अभ्यास कीजिए — कविता के अनुसार, एक दयालु व्यक्ति को आप फूल कहेंगे या काँटा? जो व्यक्ति दूसरों को दुख पहुँचाता है, वो किसका प्रतीक है? क्या 'सुंदरता' फूल का प्रतीक हो सकती है? क्यों? अगर कोई व्यक्ति हमेशा अपना ही फ़ायदा देखता है, तो कविता के अनुसार वह फूल है या काँटा? समझाओ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 7 Hindi अध्याय 3 'फूल और काँटा' कहाँ से पढ़ें?

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'फूल और काँटा' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय: कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का परिचय, कविता का भावार्थ और प्रथम पाठ, फूल और काँटे के स्वभाव में अंतर, प्रतीक के रूप में फूल और काँटा, बड़प्पन की सही परिभाषा, कविता में व्यक्त समानताएँ।

क्या 'फूल और काँटा' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?

हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।

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