कक्षा 6 Hindi अध्याय 7: जलाते चलो
अच्छा बच्चों, क्या तुमने कभी अंधेरे कमरे में एक छोटी-सी मोमबत्ती जलाकर देखी है? कितनी दूर तक उसका उजाला फैल जाता है! आज हम बिल्कुल इसी भावना पर एक कविता पढ़ेंगे, जिसका नाम है 'जलाते चलो'। इसे लिखा है हिंदी के प्रसिद्ध बाल-साहित्यकार द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी (1916-1998) ने। बाल साहित्य के चर्चित रचनाकारों में उनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है, और उनका लिखा गीत 'हम सब सुमन एक उपवन के' आज भी बहुत लोकप्रिय है।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- कवि परिचय -- द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी और आशा की कविता
- स्नेह के दीये बनाम बिजली के दीये -- असली उजाला क्या है
- पहला दीया जलाने का साहस -- चुनौती स्वीकारना
- दिये और तूफ़ान की निरंतर कहानी -- कभी हार न मानने की आशा
- कविता की रचना -- लय और शब्दों के विलोम रूप
वीडियो पाठ (5 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो अब हम कवि और कविता के मूल भाव को जान गए। अब चलिए देखते हैं कवि 'दीये' और 'अंधकार' के ज़रिए क्या गहरी बात कहना चाहते हैं।
संक्षेप में — तो सीखा -- असली उजाला सिर्फ़ बिजली से नहीं, स्नेह से आता है। अब चलिए देखते हैं कवि पहला दीया जलाने के साहस की बात कैसे करते हैं।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — कवि परिचय में जन्म-मृत्यु वर्ष (1916-1998) और उनकी अन्य प्रसिद्ध रचना का नाम याद रखें, यह अक्सर पूछा जाता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — 'अमावस' (चाँद न दिखे) और 'पूर्णिमा' (पूरा चाँद) जैसे शब्दों के अर्थ ज़रूर याद रखें -- शब्दार्थ के प्रश्न में सीधे पूछे जाते हैं।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह पंक्ति 'किससे कही गई है' जैसे प्रश्न में विकल्पों को ध्यान से पढ़ें -- सही उत्तर 'मनुष्यों से' है, न कि दीपक/तूफ़ान/तिमिर से।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — इस कविता का केंद्रीय भाव (आशा न छोड़ना) लगभग हर बड़े प्रश्न में दोहराया जाना चाहिए, चाहे प्रश्न किसी भी पंक्ति के बारे में हो।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे सोच सकते हैं यह कविता सिर्फ़ दीवाली के दीयों के बारे में है -- असल में यह प्रेम, भलाई और आशा को 'दीये' के प्रतीक से समझाने वाली कविता है, जैसा कि पाठ्यपुस्तक का पहला प्रश्न भी स्पष्ट करता…
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे सोच सकते हैं कवि बिजली के दीयों/तकनीक के खिलाफ़ हैं -- असल में कवि यह कह रहे हैं कि सिर्फ़ तकनीकी उजाला काफ़ी नहीं है, इंसानी स्नेह और भलाई भी उतनी ही ज़रूरी है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे सोच सकते हैं यह पंक्ति सिर्फ़ 'दीयों के इतिहास' के बारे में है -- असल में यह मानवता के साहस और चुनौती स्वीकारने की भावना का प्रतीक है।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — 'जलाते चलो' = 'हार मत मानो, भलाई का दीया जलाते रहो' -- शीर्षक का सार यही है।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — 'बिजली का उजाला आँखों के लिए, स्नेह का उजाला दिल के लिए' -- दोनों में फ़र्क याद रखो।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे कठिन समय में भी कोई शिक्षक बच्चों को पढ़ाना नहीं छोड़ता, यह भी एक तरह से 'दीया जलाए रखना' है जैसे मुश्किल हालात में भी कोई मददगार लोगों की सहायता करना जारी रखे
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे किसी अस्पताल में बहुत तेज़ रोशनी हो, पर अगर डॉक्टर-नर्स मरीज़ से प्रेम और देखभाल से बात न करें, तो मरीज़ को असली सुकून नहीं मिलता जैसे किसी घर में बड़ी-बड़ी लाइटें हों, पर अगर परिवार में प्यार न हो, तो घर 'रोशन' मह…
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — इस कविता के कवि का नाम बताएं। कवि की एक और प्रसिद्ध रचना का नाम बताएं। यह कविता 'आशा और उत्साह जगाने वाली' क्यों कही जाती है, अपने शब्दों में समझाएं।
अब खुद अभ्यास कीजिए — कविता में किस तरह के दीयों को बुझाने की बात कही गई है? विज्ञान में कौन-सी शक्ति है, कविता के अनुसार? 'अमावस' और 'पूर्णिमा' शब्दों के अर्थ बताते हुए यह समझाएं कि कवि इनका उपयोग किस भाव को दिखाने के लिए करते हैं।
अब खुद अभ्यास कीजिए — 'तिमिर' शब्द का क्या अर्थ है? 'दीप की नाव तैयार की' पंक्ति का क्या भाव है? इंसान के 'पहला दीया जलाने' के साहस की तुलना आज के किसी उदाहरण से करें।
अब खुद अभ्यास कीजिए — कविता में 'दीया' और 'तूफ़ान' किसके प्रतीक हैं? 'दिये और तूफ़ान की कहानी' का क्या अर्थ है? कविता की सबसे बड़ी सीख अपने शब्दों में लिखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 6 Hindi अध्याय 7 'जलाते चलो' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 5 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'जलाते चलो' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: कवि परिचय -- द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी और आशा की कविता, स्नेह के दीये बनाम बिजली के दीये -- असली उजाला क्या है, पहला दीया जलाने का साहस -- चुनौती स्वीकारना, दिये और तूफ़ान की निरंतर कहानी -- कभी हार न मानने की आशा, कविता की रचना -- लय और शब्दों के विलोम रूप।
क्या 'जलाते चलो' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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