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कक्षा 12 History (Part 3) अध्याय 2: महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन

आज हम इतिहास के एक ऐसे महान अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं, जो हमें यह समझने में मदद करेगा कि कैसे एक साधारण व्यक्ति ने पूरे देश की नियति बदल दी। अच्छा बताओ, जब हमारे देश में अंग्रेजों का राज था, तो उस समय सबसे बड़ा नाम कौन सा था, जिसे हम आज भी 'राष्ट्रपिता' कहते हैं? बिल्कुल सही, महात्मा गांधी! लेकिन क्या आपको पता है कि गांधीजी भारत में आते ही इतने बड़े नेता नहीं बन गए थे?

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इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे

वीडियो पाठ (8 भाग)

▶ भाग 1▶ भाग 2▶ भाग 3▶ भाग 4▶ भाग 5▶ भाग 6▶ भाग 7▶ भाग 8

अध्याय का सारांश

संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने देखा कि महात्मा गांधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। आते ही उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले की सलाह मानी और एक साल तक पूरे देश का भ्रमण किया ताकि भारत और यहाँ के लोगों को करीब से समझ सकें। उनका पहला बड़ा सार्वजनिक भाषण 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में हुआ, जहाँ उन्होंने बड़े लोगों के सामने गरीब किसानों और मजदूरों की आवाज़ उठाई।
संक्षेप में — तो बच्चों, चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा के ये तीनों आंदोलन गांधी जी के लिए एक तरह से 'अभ्यास' थे। उन्होंने यहाँ छोटे स्तर पर अपनी अहिंसक विरोध की तकनीकों को परखा और गरीबों तथा शोषितों की आवाज़ बनकर उभरे। इन सफलताओं ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में पहचान दिलाई, जिस पर लोग भरोसा कर सकें, और यहीं से उनके बड़े राष्ट्रीय आंदोलनों की नींव रखी गई।

परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें

बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — गांधीजी के भारत आगमन की तिथि और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के भाषण का महत्व, ये बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत ज़रूरी बिंदु हैं। इन्हें अच्छे से समझना और याद करना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — इन तीनों आंदोलनों के नाम, उनके वर्ष और उनसे जुड़े मुख्य मुद्दे बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं। इन्हें विस्तार से याद रखना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — रॉलेट एक्ट के प्रावधान, रॉलेट सत्याग्रह का उद्देश्य और जलियाँवाला बाग हत्याकांड की तारीख व उसके परिणामों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत अच्छे से याद रखना। यह अक्सर दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में आता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह आंदोलन और खिलाफत आंदोलन के साथ इसका जुड़ाव बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है। इसकी शुरुआत, उद्देश्य और विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी को अच्छे से समझना बहुत ज़रूरी है।

आम गलतियाँ — इनसे बचें

रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह गलती करते हैं कि सोचते हैं गांधीजी आते ही सीधे बड़े-बड़े आंदोलन में कूद पड़े। नहीं, उन्होंने पहले पूरे देश को समझा, लोगों से जुड़े, और फिर अपनी रणनीति बनाई।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर इन तीनों आंदोलनों की तारीखें और खास वजहें आपस में मिला देते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर रॉलेट एक्ट और जलियाँवाला बाग हत्याकांड को एक ही घटना मान लेते हैं, पर नहीं।

याद रखने की आसान ट्रिक

इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — 1915 में लौटे गांधीजी, BHU में बोले 1916 में, एक साल का था उनका दौरा, भारत को समझने का था ये मौक़ा।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — एक छोटी सी कहानी से याद रखो: 'चंपारण के खेत में नील उगाने वाले किसान थे, उन्होंने अहमदाबाद की मिल में काम करने वाले अपने दोस्त से कहा कि उनकी कमाई ठीक नहीं है, तो दोस्त ने खेड़ा में सूखा होने पर लगान माफी…

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में

इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे जब आप किसी नए स्कूल में जाते हैं, तो पहले सारे दोस्तों को और टीचर्स को समझते हैं, फिर घुलते-मिलते हैं। गांधीजी ने भी भारत आकर यही किया।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे तुम्हारे गाँव में कोई बड़ा सरपंच किसी एक मोहल्ले की पानी की समस्या को पूरे पंचायत की समस्या बना दे और हल करवाए।

अभ्यास प्रश्न

अब खुद अभ्यास कीजिए — गांधीजी दक्षिण अफ्रीका में कितने समय तक रहे थे? गांधीजी के राजनीतिक गुरु का नाम क्या था? गांधीजी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में किस बात पर जोर दिया था? दक्षिण अफ्रीका ने गांधीजी को 'महात्मा' कैसे बनाया? दो मुख्य कारण बताएं।
अब खुद अभ्यास कीजिए — चंपारण आंदोलन किस वर्ष हुआ था? अहमदाबाद आंदोलन किसके लिए था? खेड़ा में किसानों की मुख्य मांग क्या थी? गांधी जी ने इन आंदोलनों में कौन सी नई तकनीक का प्रयोग किया?
अब खुद अभ्यास कीजिए — रॉलेट एक्ट किस वर्ष पारित हुआ था? रॉलेट एक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या था? रॉलेट सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया था? जलियाँवाला बाग हत्याकांड किस तिथि को हुआ था और इसके लिए कौन जिम्मेदार था?
अब खुद अभ्यास कीजिए — असहयोग आंदोलन कब शुरू हुआ? असहयोग आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था? गांधी जी ने खिलाफत आंदोलन का समर्थन क्यों किया? असहयोग आंदोलन की व्यापकता ने इसे रॉलेट सत्याग्रह से कैसे अलग बनाया?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 12 History (Part 3) अध्याय 2 'महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन' कहाँ से पढ़ें?

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'महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय: महात्मा गाँधी का भारत आगमन और प्रारंभिक राजनीतिक अनुभव, चंपारण, अहमदाबाद, खेड़ा: स्थानीय संघर्षों का राष्ट्रीय मंच, रॉलेट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग हत्याकांड, असहयोग आंदोलन की शुरुआत और व्यापकता, असहयोग आंदोलन का जन-आधार और वापसी, गाँधी जी का जननेता के रूप में उदय।

क्या 'महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?

हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।

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