कक्षा 12 Hindi (Antara Bhag 2) अध्याय 12: ममता कालिया
अच्छा बताओ, कभी-कभी हम कोई कहानी पढ़ते हैं या कविता सुनते हैं, तो मन में आता है ना कि इसे किसने लिखा होगा? वो लेखक या कवयित्री कहाँ से आती हैं, उन्होंने क्या-क्या पढ़ा होगा, कैसा जीवन जिया होगा? उनके जीवन की बातें जानना बहुत ज़रूरी होता है, क्योंकि उनके अनुभवों से ही उनकी रचनाएँ बनती हैं। आज हम ऐसी ही एक बहुत महत्वपूर्ण लेखिका, ममता कालिया जी के बारे में जानेंगे।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- ममता कालिया: जीवन-परिचय और शिक्षा
- ममता कालिया: साहित्यिक कृतियाँ और पुरस्कार
- ममता कालिया की भाषा-शैली की विशेषताएँ
- 'दूसरा देवदास' कहानी का केंद्रीय भाव
- हर की पौड़ी पर गंगा आरती का वर्णन
- गंगापुत्रों का जीवन और गंगा से उनका संबंध
- संभव और पारो की पहली आकस्मिक मुलाकात
- संभव के मन में प्रेम का अंकुरण और बेचैनी
- हरिद्वार में वैशाखी की भीड़ और धार्मिक आस्था
- मंसा देवी यात्रा और संभव की कल्पनाएँ
- संभव और पारो का पुनर्मिलन और 'देवदास' संदर्भ
वीडियो पाठ (5 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, हमने देखा कि ममता कालिया जी का जन्म मथुरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा नागपुर, पुणे, इंदौर और मुंबई जैसे कई शहरों में पूरी की, और दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एम.ए. किया। एम.ए. के बाद उन्होंने दिल्ली और मुंबई में अध्यापिका के रूप में काम किया, फिर इलाहाबाद में प्रधानाचार्य भी रहीं और कलकत्ता में निदेशक भी। अभी वह नई दिल्ली में स्वतंत्र लेखन कर रही हैं।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने ममता कालिया जी की महान साहित्यिक यात्रा को समझा। हमने जाना कि उन्होंने कितने सारे सुंदर उपन्यास लिखे, जैसे 'बेघर' और 'नरक दर नरक', और उनके कई कहानी-संग्रह भी हैं, जिनमें 'पच्चीस साल की लड़की' जैसे नाम शामिल हैं। और हाँ, उन्हें उनके अद्भुत लेखन के लिए 'साहित्य भूषण' और 'कहानी सम्मान' जैसे बड़े-बड़े पुरस्कार भी मिले हैं। ये सब हमें उनकी मेहनत और प्रतिभा के बारे में बताता है।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — उनके जन्म स्थान, एम.ए. के विषय और उनके प्रमुख अध्यापन व प्रशासनिक पदों को ठीक से याद रखना, यह प्रश्न अक्सर जीवनी वाले भाग से आता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — ममता कालिया की प्रमुख कृतियों (उपन्यास व कहानी-संग्रह) और उन्हें प्राप्त मुख्य पुरस्कारों के नाम याद रखना बहुत ज़रूरी है। अक्सर बोर्ड परीक्षा में सीधे-सीधे प्रश्न आते हैं कि उनकी किन्हीं दो कृतियों या पुरस्कारों के नाम बताओ।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा में अक्सर 3 से 5 अंकों में पूछा जाता है। जितनी ज़्यादा विशेषताएँ आप उदाहरण सहित बताएँगे, उतने अच्छे अंक मिलेंगे।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — इस वर्णन में लेखक द्वारा उपयोग की गई विशेषणों (adjectives) पर ध्यान दें, वे ही आपके उत्तरों को और प्रभावशाली बनाएंगी।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर उनके जन्म स्थान और शिक्षा के मुख्य पड़ावों को एक साथ याद रखने में गलती कर देते हैं, या फिर उनके अध्यापन कार्य के अलग-अलग स्थानों को मिक्स कर देते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह भूल जाते हैं कि कौन सी कृति 'उपन्यास' है और कौन सी 'कहानी-संग्रह'। ध्यान रखना, 'बेघर' या 'नरक दर नरक' उपन्यास हैं, और 'पच्चीस साल की लड़की' कहानी-संग्रह है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सिर्फ बता देते हैं कि उनकी भाषा सरल थी, लेकिन यह नहीं बताते कि उस सरलता में भी कितनी गहराई थी या व्यंग्य कितना तीखा होता था। सिर्फ 'सरल' बोलकर मत छोड़ना, उसकी बाकी खूबियाँ भी बताना।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — ममता की 'म' से मथुरा जन्म, फिर 'म' से ही मुंबई में अध्यापन, और आखिर में 'म' से ही महिला सेवा सदन में प्रधानाचार्य।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — अच्छा देखो, उपन्यास के नाम थोड़े बड़े और लंबी कहानी वाले लगते हैं, जैसे 'नरक दर नरक' या 'एक पत्नी के नोट्स'। और कहानी-संग्रह के नाम अक्सर किसी एक घटना या पात्र पर होते हैं, जैसे 'पच्चीस साल की लड़की'।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे आपके गाँव में कोई बड़ा व्यक्ति जो पढ़ा-लिखा है, उसने भी कभी छोटी स्कूल से पढ़ाई शुरू की होगी, फिर कॉलेज गया होगा, वैसे ही लेखिका ने भी अलग-अलग शहरों में शिक्षा पाई।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे हमारे गाँव में कोई कलाकार होता है, तो हम उसे उसके बनाए हुए चित्रों से पहचानते हैं, न कि सिर्फ उसके नाम से। एक हलवाई की पहचान उसकी मिठाई से होती है, वैसे ही एक लेखक की पहचान उसकी कृतियों से होती है।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — ममता कालिया जी का जन्म किस राज्य में हुआ था? उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से किस विषय में एम.ए. किया था? एम.ए. करने के बाद ममता कालिया जी ने सबसे पहले कहाँ अध्यापन कार्य किया?
अब खुद अभ्यास कीजिए — ममता कालिया के किन्हीं दो कहानी-संग्रहों के नाम बताइए। ममता कालिया को 'साहित्य भूषण' पुरस्कार किस संस्थान से मिला था? ममता कालिया के उपन्यास 'एक पत्नी के नोट्स' और कहानी-संग्रह 'संपूर्ण कहानियाँ' में क्या अंतर है?
अब खुद अभ्यास कीजिए — ममता कालिया की भाषा में किन शब्दों का प्रयोग जादुई प्रभाव डालता है? लेखिका की कौन सी विशेषता उनके भावों को आसानी से व्यक्त करती है? ममता कालिया के व्यंग्य की दो प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? ममता कालिया की भाषा-शैली पाठक को कैसे मर्मस्पर्शी लगती है?
अब खुद अभ्यास कीजिए — 'दूसरा देवदास' कहानी किस परिवेश पर आधारित है? कहानी में प्रेम की उत्पत्ति कैसी बताई गई है, आकस्मिक या नियोजित? लेखिका ने प्रेम को बंबईया फिल्मों की परिपाटी से अलग कैसे दिखाया है? 'दूसरा देवदास' कहानी युवा मन की किन संवेदनाओं को दर्शाती है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 12 Hindi (Antara Bhag 2) अध्याय 12 'ममता कालिया' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 5 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'ममता कालिया' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: ममता कालिया: जीवन-परिचय और शिक्षा, ममता कालिया: साहित्यिक कृतियाँ और पुरस्कार, ममता कालिया की भाषा-शैली की विशेषताएँ, 'दूसरा देवदास' कहानी का केंद्रीय भाव, हर की पौड़ी पर गंगा आरती का वर्णन, गंगापुत्रों का जीवन और गंगा से उनका संबंध।
क्या 'ममता कालिया' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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