कक्षा 12 Hindi (Aaroh Bhag 2) अध्याय 14: हजारी प्रसाद द्विवेदी
आज हम एक बहुत ही खास साहित्यकार के बारे में जानने जा रहे हैं, जिनकी बातें सुनकर आपको लगेगा कि अरे वाह! हमारी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में भी साहित्य कितना गहरा असर डालता है। सोचो, अगर आपको कभी किसी मुश्किल सवाल का जवाब ढूंढना हो, या किसी पुरानी बात को नए तरीके से समझना हो, तो आप किसकी तरफ देखते हो? ज़रूर किसी ज्ञानी व्यक्ति की तरफ! ऐसे ही एक ज्ञानी और दूरदर्शी व्यक्ति थे आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- हजारी प्रसाद द्विवेदी: जीवन परिचय और प्रमुख रचनाएँ
- पुरस्कार और सम्मान
- द्विवेदी जी का साहित्यिक दृष्टिकोण और दर्शन
- उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति का स्वरूप
- स्त्री-दलन और सामाजिक न्याय पर विचार
- आलोचक और निबंधकार के रूप में द्विवेदी जी
- 'शिरीष के फूल' निबंध का परिचय
- शिरीष: कालजयी अवधूत का प्रतीक
- शिरीष की कोमलता और मजबूती: एक विरोधाभास
- पुरानी पीढ़ी बनाम नई पीढ़ी का द्वंद्व
- परिवर्तनशीलता और जीवन की अनिवार्यता
- कवि की अनासक्ति और मस्ती
- कालिदास का सौंदर्य-दर्शन और अनासक्ति
- शिरीष और गांधी: जिजीविषा और आत्मबल का प्रतीक
वीडियो पाठ (3 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने जाना कि आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का जन्म 1907 में बलिया में हुआ था और 1979 में उनका निधन दिल्ली में हुआ। उन्होंने निबंध, उपन्यास, आलोचना और ग्रंथ संपादन के क्षेत्र में बहुत काम किया। उनकी 'अशोक के फूल' और 'बाणभट्ट की आत्मकथा' जैसी रचनाएँ बहुत मशहूर हैं। उन्हें साहित्य अकादेमी और पद्मभूषण जैसे बड़े सम्मान भी मिले थे।
संक्षेप में — तो बच्चों, संक्षेप में समझो तो हजारी प्रसाद द्विवेदी जी सिर्फ लिखने वाले नहीं थे, बल्कि वे साहित्य के गहरे पारखी थे। एक आलोचक के रूप में, उन्होंने भक्ति काल को भारतीय सोच का एक स्वाभाविक हिस्सा माना, जिससे हमें अपने इतिहास की एक नई समझ मिली। और एक निबंधकार के तौर पर, उन्होंने अपने गहरे विचारों को ऐसे सुंदर और सहज तरीके से लिखा कि उनके निबंध भी साहित्य का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — उनकी प्रमुख रचनाओं, खास तौर पर निबंध संग्रह और उपन्यासों के नाम, बोर्ड परीक्षा में अक्सर सीधे-सीधे पूछ लिए जाते हैं। इन्हें ध्यान से याद करें।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — द्विवेदी जी की आलोचना दृष्टि और निबंध लेखन शैली, खासकर भक्ति काल पर उनके विचारों को अच्छे से समझ लेना, बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर इस पर सीधे सवाल आते हैं!
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह निबंध बोर्ड परीक्षा में इसके मुख्य संदेश, यानी 'अजेय जिजीविषा' और 'धैर्य' जैसे मानवीय मूल्यों पर आधारित प्रश्न के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा में अक्सर 3-5 नंबर के लिए आता है। इसमें 'कालजयी' और 'अवधूत' शब्दों का अर्थ समझाते हुए शिरीष की विशेषताओं से तुलना करना महत्वपूर्ण है।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर उनकी सारी रचनाओं को याद करने में गलती करते हैं। ज़रूरी ये नहीं कि आप हर एक रचना का नाम रट लो, बल्कि ये समझना ज़रूरी है कि उन्होंने किस तरह का साहित्य लिखा — जैसे निबंध, उपन्यास, या…
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर इन पुरस्कारों के नाम याद तो कर लेते हैं, पर यह भूल जाते हैं कि 'साहित्य अकादेमी' पुरस्कार उन्हें किस रचना के लिए मिला था। हमेशा याद रखना, 'आलोक पर्व' के लिए।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सिर्फ यह याद रख लेते हैं कि 'मानवतावादी दृष्टिकोण', लेकिन इसका असली मतलब क्या है, यह गहराई से नहीं समझते।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — उनकी मुख्य रचनाएँ 'आलोक पर्व' और 'अशोक के फूल' हैं। इसे ऐसे याद रखो, जैसे किसी को 'पर्व' पर 'फूल' देना.
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — अकादेमी का 'अ' - आलोक का 'अ'
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग, जो हमें कहानियां सुनाते हैं और जीवन की सीख देते हैं, वैसे ही द्विवेदी जी ने अपनी कहानियों और निबंधों से हमें बहुत कुछ सिखाया है।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे स्कूल में 'वार्षिक उत्सव' पर अच्छे नंबर लाने पर मेडल मिलता है। या गाँव में कोई अच्छा काम करे तो उसे पंचायत की तरफ़ से शॉल ओढ़ाई जाती है। क्रिकेट में 'मैन ऑफ द मैच' मिलता है, वैसे ही साहित्य में भी मिलता है।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का निधन किस वर्ष हुआ था? उन्हें कौन सा राष्ट्रीय सम्मान मिला था? हजारी प्रसाद द्विवेदी के किन्हीं दो निबंध संग्रहों के नाम बताइए। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के आलोचना साहित्येतिहास से संबंधित दो प्रमुख कृतियों के नाम लिखिए।
अब खुद अभ्यास कीजिए — द्विवेदी जी को भारत सरकार द्वारा कौन सा बड़ा सम्मान मिला था? किस विश्वविद्यालय ने द्विवेदी जी को 'डी. लिट्' की उपाधि से सम्मानित किया था? आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी को मिले किन्हीं दो प्रमुख सम्मानों के नाम बताइए।
अब खुद अभ्यास कीजिए — द्विवेदी जी के अनुसार, साहित्य मनुष्य को किससे बचाता है? साहित्य का क्या काम है आत्मा के लिए? द्विवेदी जी के साहित्यिक दर्शन को अपने शब्दों में समझाइए। यदि कोई रचना मनुष्य की आत्मा को तेजोद्दीप्त न कर सके, तो द्विवेदी जी उसे साहित्य क्यों नहीं मानते थे? विस्तार से चर्चा करें।
अब खुद अभ्यास कीजिए — द्विवेदी जी की रचनाओं में किस बात पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया गया है, संस्कृति या इतिहास? क्या द्विवेदी जी ने केवल प्राचीन भारतीय संस्कृति की बात की है? द्विवेदी जी ने किस प्रकार स्त्री-पीड़ा को भारतीय संस्कृति के संदर्भ में देखा है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 12 Hindi (Aaroh Bhag 2) अध्याय 14 'हजारी प्रसाद द्विवेदी' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 3 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'हजारी प्रसाद द्विवेदी' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: हजारी प्रसाद द्विवेदी: जीवन परिचय और प्रमुख रचनाएँ, पुरस्कार और सम्मान, द्विवेदी जी का साहित्यिक दृष्टिकोण और दर्शन, उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति का स्वरूप, स्त्री-दलन और सामाजिक न्याय पर विचार, आलोचक और निबंधकार के रूप में द्विवेदी जी।
क्या 'हजारी प्रसाद द्विवेदी' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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