कक्षा 12 Chemistry अध्याय 3: d एवं f-ब्लॉक के तत्त्व
आज हम रसायन विज्ञान के एक बहुत ही खास और दिलचस्प अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं, जिसका नाम है 'd एवं f-ब्लॉक के तत्त्व'। अच्छा बताओ, क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी आवर्त सारणी में कुछ ऐसे भी तत्व हैं, जो इतने महत्वपूर्ण हैं कि उनके बिना हमारी दुनिया कुछ अलग ही होती?
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- d-ब्लॉक और f-ब्लॉक तत्वों का परिचय एवं परिभाषा
- संक्रमण तत्वों की इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और अपवाद
- संक्रमण तत्वों के धात्विक गुण
- संक्रमण तत्वों के गलनांक और कणन एन्थैल्पी
- संक्रमण तत्वों की परमाणु एवं आयनिक त्रिज्याओं में परिवर्तन
- संक्रमण तत्वों की आयनन एन्थैल्पी
- संक्रमण तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
- मानक इलेक्ट्रोड विभव (M²⁺/M) में प्रवृत्तियाँ
- ऑक्सीकरण अवस्थाओं के स्थायित्व की प्रवृत्तियाँ
- चुंबकीय गुण (अनुचुंबकत्व और प्रतिचुंबकत्व)
- रंगीन आयनों का बनना
- जटिल यौगिकों का निर्माण और उत्प्रेरकीय गुण
- अंतराकाशी यौगिक और मिश्रधातुओं का बनना
- पोटेशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) - विरचन, गुण और उपयोग
- पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄) - विरचन, गुण और उपयोग
- f-ब्लॉक तत्वों का परिचय: लैंथेनाइड और एक्टिनाइड
वीडियो पाठ (65 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने d-ब्लॉक और f-ब्लॉक तत्वों का परिचय और परिभाषा समझी। d-ब्लॉक के तत्व वो होते हैं जिनका अंतिम इलेक्ट्रॉन d-कक्षक में जाता है और इन्हें 'संक्रमण तत्व' कहते हैं। f-ब्लॉक के तत्व वो होते हैं जिनका अंतिम इलेक्ट्रॉन f-कक्षक में जाता है और इन्हें 'आंतरिक संक्रमण तत्व' कहते हैं, जिनमें लैंथेनाइड्स और एक्टिनाइड्स आते हैं।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने संक्रमण तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को समझा। इनका सामान्य विन्यास (n-1)d¹⁻¹⁰ns¹⁻² होता है। हमने देखा कि (n-1)d और ns कक्षकों की ऊर्जा में कम अंतर होता है, जिसकी वजह से कुछ अपवाद आते हैं। खास करके क्रोमियम और कॉपर को याद रखना, जहाँ अर्ध-भरे या पूर्ण-भरे कक्षक अधिक स्थायी होने के लिए अपने विन्यास में बदलाव दिखाते हैं।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — IUPAC की संक्रमण तत्वों की परिभाषा को अच्छे से याद कर लेना, और जिंक, कैडमियम, मर्करी क्यों संक्रमण तत्व नहीं हैं, यह कारण अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — बोर्ड परीक्षा में क्रोमियम और कॉपर के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अपवाद पर सीधे सवाल आते हैं। इन्हें अच्छे से याद कर लेना और कारण भी समझना कि ऐसा क्यों होता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — संक्रमण तत्वों के 'उच्च गलनांक' और 'उच्च कणन एन्थैल्पी' के कारणों को ध्यान से समझना, क्योंकि यह बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है। याद रखना, 'अयुगलित d इलेक्ट्रॉन' ही इसका मुख्य कारण हैं।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा में अक्सर 'संक्रमण तत्व उच्च गलनांक क्यों दर्शाते हैं?' या 'कणन एन्थैल्पी से क्या तात्पर्य है?' के रूप में पूछा जाता है। अयुगलित d इलेक्ट्रॉनों की भागीदारी को ज़रूर समझाना।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह गलती करते हैं कि जिंक (Zn) और कैडमियम (Cd) जैसे तत्वों को भी संक्रमण तत्व मान लेते हैं, क्योंकि वो d-ब्लॉक में दिखते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। सबसे बड़ी गलती जो बच्चे करते हैं, वो यह है कि क्रोमियम और कॉपर के अपवाद वाले विन्यास को भूल जाते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह सोचते हैं कि सभी धातुएँ एक जैसी होती हैं, लेकिन याद रखना कि संक्रमण तत्व 'अति कठोर' (very hard) होते हैं और इनकी 'वाष्पशीलता कम' (less volatile) होती है, जबकि कुछ सामान्य धातुएँ…
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — d-ब्लॉक मतलब 'बीच' वाले, 'संक्रमण' करते हुए। f-ब्लॉक मतलब 'फ़र्श' पर नीचे वाले, 'आंतरिक' रूप से छुपे हुए।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — क्रोमियम 'Cr' और कॉपर 'Cu' के लिए याद रखना: 'Cr' में 'r' आता है, मतलब 'रहना', 4s से 3d में इलेक्ट्रॉन 'रह जाता' है। और 'Cu' में 'u' आता है, मतलब 'पूरा', 3d पूरा 'भर' जाता है।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — लोहा (Iron) जिससे रेल की पटरी बनती है, एक d-ब्लॉक तत्व है। सोना (Gold) और चाँदी (Silver) जिससे ज़ेवर बनते हैं, ये भी d-ब्लॉक के ही तत्व हैं। यूरेनियम (Uranium) जो परमाणु ऊर्जा में इस्तेमाल होता है, एक f-ब्लॉक तत्व है।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे सुबह हम जल्दी उठते हैं ताकि परीक्षा की तैयारी अच्छे से कर सकें, वैसे ही ये इलेक्ट्रॉन भी थोड़ी-सी ऊर्जा खर्च करके ज़्यादा स्थायी स्थिति में जाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — संक्रमण तत्वों को और किस नाम से जाना जाता है? लैंथेनाइड्स और एक्टिनाइड्स किस ब्लॉक के तत्व हैं? कॉपर (Cu, Z=29) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d¹⁰ 4s¹ है। क्या यह एक संक्रमण तत्व है? क्यों? जिंक (Zn, Z=30) को d-ब्लॉक तत्व होने के बावजूद संक्रमण तत्व क्यों नहीं माना जाता?
अब खुद अभ्यास कीजिए — संक्रमण तत्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या है? क्रोमियम का वास्तविक इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या है? कॉपर में 4s से इलेक्ट्रॉन 3d में क्यों जाता है? क्या सभी संक्रमण तत्वों में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में अपवाद होते हैं? उदाहरण सहित समझाएँ।
अब खुद अभ्यास कीजिए — संक्रमण तत्वों के कौन से गुण उन्हें 'चमकदार' बनाते हैं? धातु को पीटकर पतली चादर बनाने की क्षमता को क्या कहते हैं? संक्रमण तत्व अन्य धातुओं की तुलना में अधिक 'कठोर' क्यों होते हैं?
अब खुद अभ्यास कीजिए — संक्रमण धातुओं के गलनांक उच्च क्यों होते हैं? कणन एन्थैल्पी क्या है? संक्रमण धातुओं में धात्विक बंधन की मजबूती के लिए कौन से इलेक्ट्रॉन जिम्मेदार होते हैं? संक्रमण श्रेणी में गलनांक और कणन एन्थैल्पी मध्य में अधिकतम क्यों होती है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 12 Chemistry अध्याय 3 'd एवं f-ब्लॉक के तत्त्व' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 65 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'd एवं f-ब्लॉक के तत्त्व' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: d-ब्लॉक और f-ब्लॉक तत्वों का परिचय एवं परिभाषा, संक्रमण तत्वों की इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और अपवाद, संक्रमण तत्वों के धात्विक गुण, संक्रमण तत्वों के गलनांक और कणन एन्थैल्पी, संक्रमण तत्वों की परमाणु एवं आयनिक त्रिज्याओं में परिवर्तन, संक्रमण तत्वों की आयनन एन्थैल्पी।
क्या 'd एवं f-ब्लॉक के तत्त्व' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
इनविद्या Invidya — कक्षा 6 से 12 की मुफ़्त ऑनलाइन पढ़ाई: वीडियो पाठ, eबुक PDF, AI सुपर टीचर, बोर्ड परीक्षा तैयारी। मुख्य पृष्ठ · सभी कक्षाएँ · संपर्क · गोपनीयता · नियम
© 2026 Invidya (इनविद्या) — सर्वाधिकार सुरक्षित