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कक्षा 11 Political Science (Indian Constitution at Work) अध्याय 5: विधायिका

अच्छा, एक बात बताओ — कभी तुमने सोचा है कि हमारे देश में कानून कौन बनाता है? भई, हमारे लिए नियम कौन तय करता है कि कौन सी सड़क कहाँ बनेगी, या स्कूल में क्या पढ़ाया जाएगा, या हमारे खेतों को कितना पानी मिलेगा? ये सारे फैसले कोई एक आदमी नहीं लेता, है ना? इसी सवाल का जवाब है आज का हमारा नया अध्याय, जिसका नाम है 'विधायिका' (Legislature).

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इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे

वीडियो पाठ (5 भाग)

▶ भाग 1▶ भाग 2▶ भाग 3▶ भाग 4▶ भाग 5

अध्याय का सारांश

संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने समझा कि विधायिका क्या है और 'यह क्यों इतनी महत्वपूर्ण' (why it is so important) है। ये सिर्फ कानून बनाने वाली संस्था नहीं है, बल्कि 'यह जनता की आवाज' (it is the voice of the people) है। यह 'सरकार को जवाबदेह बनाती है' (makes the government accountable) और 'लोकतंत्र का आधार' (the basis of democracy) है। बिना इसके, हम सच्चे लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं कर सकते।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने राज्य सभा के बारे में समझा. यह हमारे देश के राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है और उनके हितों का ध्यान रखती है. इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि राज्यों के विधायकों द्वारा चुने जाते हैं. यह एक स्थायी सदन है, यानी कभी भंग नहीं होता, और इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है, जिसमें हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर हो जाते हैं.

परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें

बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह अवधारणा बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर इस पर सीधा प्रश्न आता है कि 'लोकतंत्र में विधायिका का क्या महत्व है' या 'विधायिका के कार्यों का वर्णन करें'।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — राज्य सभा की संरचना और स्थायी प्रकृति पर अक्सर सीधे प्रश्न आते हैं, खासकर सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया और कार्यकाल पर ध्यान दें.
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — लोक सभा के प्रत्यक्ष निर्वाचन, निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या और इसके विघटन (भंग होने) की शर्तों पर अक्सर बोर्ड परीक्षा में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इन बिंदुओं को ध्यान से याद रखना.
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — इस टॉपिक से संसद के 'विभिन्न कार्यों' (various functions) को विस्तार से लिखने वाले प्रश्न बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। हर कार्य को उदाहरण सहित स्पष्ट करना ज़रूरी है।

आम गलतियाँ — इनसे बचें

रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि विधायिका मतलब सिर्फ संसद और उसका काम सिर्फ कानून बनाना है. लेकिन असल में यह बहुत व्यापक संस्था है और इसके काम सिर्फ कानून बनाने तक सीमित नहीं हैं.
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर भूल जाते हैं कि राज्यसभा और लोकसभा, दोनों ही संसद के हिस्से हैं। उन्हें लगता है कि संसद सिर्फ लोकसभा है। नहीं, दोनों मिलकर हमारी संसद बनाते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह सोचते हैं कि राज्य सभा के सदस्य भी लोकसभा सदस्यों की तरह सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. 'राज्य सभा को जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं'.

याद रखने की आसान ट्रिक

इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — विधायिका (Vidhāyikā) को याद रखने के लिए सोचो — 'विधायक' (Vidhāyak) जहाँ बैठे, वो 'विधायिका' (Vidhāyikā). और उनका काम क्या है? 'विचार' (Vichār) करना, 'बहस' (Bahās) करना, और 'कानून' (Kānūn) बनाना.
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — याद रखो, 'द्वि' मतलब 'दो', जैसे साइकिल में दो पहिये। संसद के भी दो सदन – लोकसभा और राज्यसभा, ताकि देश की गाड़ी अच्छे से चले।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में

इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — गाँव की पंचायत: जैसे गाँव में पंचायत मिलकर गाँव के नियम बनाती है और सभी ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा करती है.
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — घर में जब कोई बड़ा फैसला लेना होता है, तो पापा और मम्मी दोनों मिलकर बात करते हैं, ताकि कोई पहलू छूट न जाए।

अभ्यास प्रश्न

अब खुद अभ्यास कीजिए — विधायिका का मुख्य कार्य क्या है? विधायिका लोकतंत्र में क्यों आवश्यक है? विधायिका केवल कानून बनाने वाली संस्था नहीं है। इस बात को एक उदाहरण से समझाएं। सच्चे लोकतंत्र की कल्पना एक कुशल और प्रभावी विधायिका के बिना क्यों नहीं की जा सकती?
अब खुद अभ्यास कीजिए — संसद के कितने सदन होते हैं? संसद के दो सदनों के नाम क्या हैं? भारतीय संसद की द्वि-सदनात्मक संरचना के दो मुख्य फायदे बताओ। क्या सभी देशों में द्वि-सदनात्मक विधायिका होती है? अपने जवाब के समर्थन में तर्क दें।
अब खुद अभ्यास कीजिए — राज्य सभा को किस सदन के रूप में जाना जाता है? राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है? राज्य सभा के सदस्यों का चुनाव कौन करते हैं? राज्य सभा को 'स्थायी सदन' क्यों कहा जाता है?
अब खुद अभ्यास कीजिए — लोक सभा के सदस्यों का चुनाव कैसे होता है - प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष? लोक सभा के सदस्य कितने वर्ष के लिए चुने जाते हैं? क्या लोक सभा को 5 साल से पहले भंग किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किन परिस्थितियों में?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 11 Political Science (Indian Constitution at Work) अध्याय 5 'विधायिका' कहाँ से पढ़ें?

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'विधायिका' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय: विधायिका का महत्व और आवश्यकता, संसद की द्वि-सदनात्मक संरचना, राज्य सभा: संरचना और कार्य, लोक सभा: संरचना और कार्य, संसद के मुख्य कार्य और शक्तियाँ, लोक सभा और राज्य सभा की शक्तियों में अंतर।

क्या 'विधायिका' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?

हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।

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