कक्षा 11 Geography (Fundamentals of Physical Geography) अध्याय 9: विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन
अच्छा बच्चों, आज हम एक बहुत ही दिलचस्प और ज़रूरी विषय शुरू करने वाले हैं — 'विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन'। ज़रा सोचो, कभी हिमाचल प्रदेश में बर्फ गिर रही होती है और उसी समय केरल में लोग गर्मी और नमी से परेशान होते हैं, क्यों? या हम सुबह न्यूज़ में सुनते हैं कि कहीं सूखा पड़ा है और कहीं बाढ़ आई है। ये सब 'जलवायु' और उसके 'वर्गीकरण' से जुड़ा है।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- जलवायु वर्गीकरण का परिचय
- कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति
- कोपेन के प्रमुख जलवायु समूह और उनके लक्षण
- कोपेन के जलवायु उप-प्रकार और कोड
- उष्णकटिबंधीय जलवायु (A) के प्रकार
- शुष्क जलवायु (B) के प्रकार
- कोष्ण शीतोष्ण (मध्य अक्षांशीय) जलवायु (C) के प्रकार
- शीत हिम-वन जलवायु (D) के प्रकार
- ध्रुवीय जलवायु (E) के प्रकार
- जलवायु परिवर्तन: अवधारणा और साक्ष्य
- अभिनव पूर्व काल में जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि
- जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक कारण
- ग्रीनहाउस प्रभाव और गैसें
- भूमंडलीय ऊष्मन के प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय प्रयास
वीडियो पाठ (18 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने समझा कि जलवायु वर्गीकरण क्यों ज़रूरी है — क्योंकि दुनिया में जलवायु में बहुत सारी विविधता है और उसे समझने के लिए हमें उसे बांटना पड़ता है। हमने इसके तीन मुख्य तरीके देखे: आनुभविक, जो सीधे तापमान और वर्षा के आँकड़ों पर आधारित है; जननिक, जो जलवायु के कारणों को देखता है; और अनुप्रयुक्त, जो किसी खास काम या उद्देश्य के लिए होता है।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति के बारे में जाना। यह एक आनुभविक तरीका है जिसे वी. कोपेन ने विकसित किया था। इसका सबसे खास बात यह है कि कोपेन ने वनस्पति के वितरण को आधार बनाया और तापमान तथा वर्षा के मासिक और वार्षिक औसत आँकड़ों का उपयोग करके जलवायु को बड़े और छोटे अक्षरों में वर्गीकृत किया।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — इन तीनों उपगमनों की 'परिभाषा' और 'अंतर' को अच्छे से समझ लेना, अक्सर बोर्ड परीक्षाओं में सीधे प्रश्न आते हैं कि 'आनुभविक वर्गीकरण क्या है' या 'जननिक और अनुप्रयुक्त में भेद करें'।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह विषय बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कोपेन की पद्धति का आधार क्या है और इसमें किन आँकड़ों का प्रयोग होता है, ये प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह सारणी 11.1 बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सीधे-सीधे प्रश्न आ सकते हैं कि 'A' समूह की क्या विशेषता है या किस समूह में वर्षण से ज़्यादा वाष्पीकरण होता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — बोर्ड परीक्षा में, इन छोटे अक्षरों के मतलब और उनसे बनने वाले कोड्स (जैसे Af, Am, Aw) का सीधा-सीधा अर्थ पूछ लिया जाता है, इसलिए इन कोड्स को और उनके अर्थ को बहुत अच्छे से याद रखना है।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर इन तीनों उपगमनों के नाम तो याद कर लेते हैं, लेकिन उनके 'मतलब' में गड़बड़ कर जाते हैं। उन्हें लगता है सब एक ही है, जबकि हर एक का आधार अलग है। ध्यान रखना हर एक का 'फोकस' क्या है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर यह भूल जाते हैं कि कोपेन की पद्धति का मुख्य आधार क्या था। याद रखना, यह सिर्फ़ तापमान और बारिश नहीं, बल्कि 'वनस्पति' के वितरण से जुड़ा है।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर इन बड़े अक्षरों का मतलब भूल जाते हैं या A को B से और C को D से मिला देते हैं। याद रखना, A सबसे गर्म और E सबसे ठंडा है, और B बिल्कुल सूखा है।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — एक छोटी-सी कविता याद रखो: 'आनुभविक आँकड़ों पे चलता, जननिक कारण से मिलता। अनुप्रयुक्त काम के लिए बनता, जलवायु का ज्ञान है बढ़ता।'
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — कोपेन और 'कार्बन' (C) से याद रखो — कार्बन पौधों में होता है, तो कोपेन की पद्धति 'वनस्पति' पर आधारित है!
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे दुकान में आप फल अलग रखते हो, सब्ज़ियाँ अलग, और अनाज अलग — ताकि ग्राहकों को ढूंढने में आसानी हो। रसोई में मसाले अलग डब्बों में होते हैं, दालें अलग, ताकि ज़रूरत पड़ने पर सही चीज़ मिल सके।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे तुम देखते हो कि तुम्हारे गाँव में गेहूं या धान ही उगता है, क्योंकि यहाँ की जलवायु उसके लिए ठीक है, जबकि पहाड़ों पर सेब या चाय के बाग होते हैं। कोपेन ने इसी तरह पौधों को देखकर जलवायु को समझा।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — जलवायु वर्गीकरण क्यों ज़रूरी है? जलवायु वर्गीकरण के कितने मुख्य उपगमन हैं? आनुभविक वर्गीकरण किस पर आधारित होता है? जननिक और अनुप्रयुक्त वर्गीकरण में क्या अंतर है?
अब खुद अभ्यास कीजिए — कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति किस प्रकार की पद्धति है? कोपेन की पद्धति का मुख्य आधार क्या था? कोपेन ने जलवायु के प्रकारों को दर्शाने के लिए किन चीज़ों का इस्तेमाल किया? कोपेन ने वनस्पति और जलवायु के बीच क्या संबंध देखा?
अब खुद अभ्यास कीजिए — कोपेन के किस समूह की विशेषता है कि वर्षण की तुलना में विभव वाष्पीकरण अधिक होता है? यदि किसी स्थान पर सर्वाधिक ठंडे महीने का औसत तापमान 3° सेल्सियस से अधिक, पर 18° सेल्सियस से कम हो, तो वह किस समूह में आएगा?
अब खुद अभ्यास कीजिए — कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में 'w' अक्षर किसका प्रतीक है? अगर कहीं 'f' लिखा है, तो इसका मतलब उस जगह पर ______ नहीं है। 'Am' जलवायु का क्या अर्थ है? A और m दोनों का मतलब बताओ। किसी स्थान का कोड 'Aw' है। इससे आप उस स्थान की जलवायु के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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'विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: जलवायु वर्गीकरण का परिचय, कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति, कोपेन के प्रमुख जलवायु समूह और उनके लक्षण, कोपेन के जलवायु उप-प्रकार और कोड, उष्णकटिबंधीय जलवायु (A) के प्रकार, शुष्क जलवायु (B) के प्रकार।
क्या 'विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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