कक्षा 11 Economics (Indian Economic Development) अध्याय 9: भारतीय अर्थव्यवस्था: स्वतंत्रता के पूर्व की एक झलक
अच्छा बच्चों, ज़रा सोचो, हमारा देश भारत... आज़ाद तो 1947 में हुआ, ये तो सबको पता है। पर क्या हमने कभी सोचा है कि जब अंग्रेज यहाँ आए थे, उससे पहले हमारा भारत कैसा था? क्या हम तब भी गरीब थे? या तब कुछ और हाल था? और अंग्रेजों ने आकर हमारी अर्थव्यवस्था के साथ क्या किया?
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- स्वतंत्रता पूर्व भारतीय अर्थव्यवस्था का परिचय
- औपनिवेशिक शासन में निम्न-स्तरीय आर्थिक विकास
- कृषि क्षेत्रक की गतिहीनता
- औद्योगिक क्षेत्रक का वि-औद्योगीकरण
- विदेशी व्यापार का औपनिवेशिक शोषण
- जनांकिकीय परिस्थिति: उच्च मृत्यु दर और निम्न जीवन प्रत्याशा
- व्यावसायिक संरचना और क्षेत्रीय असमानताएँ
- आधारिक संरचना का स्वार्थी विकास
- स्वतंत्रता के समय की आर्थिक चुनौतियाँ
वीडियो पाठ (5 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने जाना कि आज़ादी से पहले, ब्रिटिश राज से पहले हमारा भारत आर्थिक रूप से बहुत मजबूत था, खासकर अपने हस्तशिल्प और कृषि के लिए। लेकिन अंग्रेजों का मकसद हमारे देश का विकास करना नहीं था, बल्कि अपनी फैक्ट्रियों के लिए कच्चा माल लेना और अपना बना माल हमें बेचना था। इस वजह से हमारी अर्थव्यवस्था बदल गई और हम उनके ऊपर निर्भर होने लगे। इस परिचय से हमें आगे की बातें समझने में बहुत मदद मिलेगी।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने समझा कि औपनिवेशिक शासन में भारत का आर्थिक विकास क्यों धीमा था। अंग्रेजों की नीतियां भारत के भले के लिए नहीं, बल्कि अपने फायदे के लिए थीं। उन्होंने हमारी राष्ट्रीय और प्रतिव्यक्ति आय के आकलन पर भी ध्यान नहीं दिया, और जो आंकड़े निजी स्तर पर निकाले गए, उनसे पता चला कि हमारा देश बहुत धीमी गति से बढ़ रहा था — राष्ट्रीय आय की वृद्धि दर 2% से भी कम और प्रतिव्यक्ति आय की वृद्धि तो बस 0.
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह अवधारणा बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर इस पर सीधे प्रश्न आते हैं कि ब्रिटिश शासन का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा, या उपनिवेशवाद का मुख्य उद्देश्य क्या था।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह विषय बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। डॉ. वी.के.आर.वी. राव जैसे आकलनकर्ताओं के नाम और राष्ट्रीय व प्रतिव्यक्ति आय के वृद्धि दर के आंकड़े याद रखना बहुत ज़रूरी है।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह विषय बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कृषि क्षेत्रक की गतिहीनता के कारणों पर सीधा प्रश्न आ सकता है, इसलिए सभी कारणों को अच्छे से समझकर याद करें।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह प्रश्न बोर्ड परीक्षाओं में 'औपनिवेशिक शोषण' या 'भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश शासन का प्रभाव' जैसे बड़े प्रश्नों के हिस्से के रूप में आ सकता है।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि भारत हमेशा से गरीब ही था, या अंग्रेज जब आए तभी यहाँ विकास हुआ। पर ये गलत है! अंग्रेजों के आने से पहले भारत कई मामलों में बहुत समृद्ध था।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि अंग्रेजों ने थोड़ा-बहुत विकास तो किया ही होगा, सड़कें बनाईं, रेलवे लाए।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि खेती इसलिए पीछे रह गई क्योंकि बारिश नहीं होती थी या ज़मीन अच्छी नहीं थी।
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — सोचो: 'पहले थे हम सोने की चिड़िया, फिर बनीं अंग्रेजों की कठपुतली!'
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — सोचो, जैसे एक पौधा बिना सही पानी और खाद के कभी अच्छे से नहीं उग पाता, वैसे ही कोई देश भी बिना सही आर्थिक नीतियों के विकास नहीं कर पाता। अंग्रेज हमारे देश को खाद-पानी दे ही नहीं रहे थे।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे आपके घर में दादी-नानी पुराने समय की बातें बताती हैं कि कैसे पहले चीजें शुद्ध और हाथ से बनी होती थीं, वैसे ही हमारा देश भी पहले अपने हाथ के काम के लिए जाना जाता था।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे अगर तुम्हारे बड़े भाई-बहन तुम्हें सिर्फ अपनी कॉपी लिखने के लिए इस्तेमाल करें और तुम्हारी पढ़ाई पर ध्यान न दें, तो तुम्हारी पढ़ाई का स्तर कम ही रहेगा।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — ब्रिटिश शासन से पहले भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार क्या था? भारत किस प्रकार के कपड़ों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध था? ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का भारत के प्रति मुख्य आर्थिक उद्देश्य क्या था? अंग्रेजों की आर्थिक नीतियों ने भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?
अब खुद अभ्यास कीजिए — ब्रिटिश शासकों का भारत में आर्थिक नीतियों को बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या था? किस शताब्दी के पूर्वार्ध में भारत की राष्ट्रीय आय की वृद्धि दर 2% से कम रही थी? उन कुछ प्रमुख व्यक्तियों के नाम बताइए जिन्होंने निजी स्तर पर राष्ट्रीय और प्रतिव्यक्ति आय का आकलन किया था।
अब खुद अभ्यास कीजिए — ब्रिटिश काल में किसानों से लगान कौन वसूलता था? नकदी फसलें कौन-सी होती हैं, जिनके बदले पैसा मिलता है? जमींदारी व्यवस्था ने किसानों को किस तरह प्रभावित किया? कृषि क्षेत्रक की गतिहीनता का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा?
अब खुद अभ्यास कीजिए — वि-औद्योगीकरण का क्या अर्थ है? ब्रिटिश काल से पहले भारत किस प्रकार के उद्योगों के लिए प्रसिद्ध था? अंग्रेजों के वि-औद्योगीकरण के पीछे क्या दो मुख्य उद्देश्य थे? वि-औद्योगीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या नकारात्मक प्रभाव डाले?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 11 Economics (Indian Economic Development) अध्याय 9 'भारतीय अर्थव्यवस्था: स्वतंत्रता के पूर्व की एक झलक' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 5 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'भारतीय अर्थव्यवस्था: स्वतंत्रता के पूर्व की एक झलक' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: स्वतंत्रता पूर्व भारतीय अर्थव्यवस्था का परिचय, औपनिवेशिक शासन में निम्न-स्तरीय आर्थिक विकास, कृषि क्षेत्रक की गतिहीनता, औद्योगिक क्षेत्रक का वि-औद्योगीकरण, विदेशी व्यापार का औपनिवेशिक शोषण, जनांकिकीय परिस्थिति: उच्च मृत्यु दर और निम्न जीवन प्रत्याशा।
क्या 'भारतीय अर्थव्यवस्था: स्वतंत्रता के पूर्व की एक झलक' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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