कक्षा 10 Hindi अध्याय 2: माता का आँचल
आज हम अपनी पाठ्यपुस्तक 'कृतिका' का पहला पाठ, 'माता का आँचल' शुरू करने जा रहे हैं। अरे वाह! नाम सुनकर ही लगता है कि कुछ बहुत प्यारा और इमोशनल होगा, है ना? माँ का आँचल यानी माँ का प्यार, उनकी ममता। सोचो बचपन में माँ हमें कैसे दुलारती थी, पिता जी कैसे खेलते थे... बस, इसी तरह के प्यारे-प्यारे संस्मरणों से भरा है यह पाठ।
▶ वीडियो पाठ देखो🧑🏫 AI सुपर टीचर से पढ़ो⬇ अध्याय PDF📝 प्रश्न-उत्तर PDFइस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- लेखक-परिचय: शिवपूजन सहाय
- भोलानाथ का अपने पिता के साथ संबंध
- माँ का वात्सल्य और भोजन कराने का ढंग
- माँ द्वारा भोलानाथ का श्रृंगार
- बच्चों के ग्रामीण खेल और नाटक
- मूसन तिवारी का प्रसंग और गुरु जी की पाठशाला
- साँप का डर और माँ की शरण
- माता का आँचल: प्रेम और शांति का प्रतीक
वीडियो पाठ (4 भाग)
अध्याय का सारांश
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने शिवपूजन सहाय जी के बारे में जाना। वह 1893 में बिहार में जन्मे, बचपन में भोलानाथ कहलाए। उन्होंने नौकरी भी की, फिर आंदोलन में शामिल होकर छोड़ दी। उन्होंने बहुत सी पत्रिकाएं संपादित कीं और 'देहाती दुनिया' जैसी कई अच्छी किताबें भी लिखीं। उनकी रचनाओं में हमें गाँव का जीवन और संस्कृति साफ-साफ दिखती है। यह सब जानना बहुत ज़रूरी है ताकि हम उनकी कहानी को बेहतर तरीके से समझ सकें।
संक्षेप में — तो बच्चों, आज हमने जाना कि भोलानाथ और उसके पिता का रिश्ता कितना खास था। वह केवल पिता-पुत्र नहीं, बल्कि गहरे दोस्त भी थे। सुबह पूजा से लेकर रात के खाने तक, और कुश्ती से लेकर गंगा किनारे मछली खिलाने तक, हर पल वे एक-दूसरे के साथ होते थे। उनके बीच इतना प्यार और अपनापन था कि पिताजी उसे 'भोलानाथ' कहकर बुलाते थे और उसके साथ बच्चों जैसी शरारतें करते थे। यह रिश्ता कहानी की जान है, बच्चों!
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — लेखक परिचय से संबंधित प्रश्न बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं, खासकर उनका जन्म स्थान, जन्म तिथि, बचपन का नाम और प्रमुख रचनाएँ। इन्हें अच्छे से याद कर लेना, एक-दो नंबर पक्के हो जाएंगे!
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — बोर्ड परीक्षा में इस संबंध पर आधारित प्रश्न अक्सर आते हैं। उनके रिश्ते की गहराई को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करना, जैसे कुश्ती या पूजा के पल, आपको पूरे अंक दिलाएगा।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — माँ के वात्सल्य से जुड़े प्रश्नों में आपको माँ की भावनाओं और उनके व्यवहार को विस्तार से समझाना होगा, सिर्फ घटनाओं को नहीं बताना।
बोर्ड परीक्षा के लिए ध्यान रखिए — यह भाग भोलानाथ और उसकी माँ के रिश्ते, और तत्कालीन ग्रामीण जीवन को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। माँ द्वारा बच्चे को तैयार करने के तरीकों पर आधारित वर्णनात्मक प्रश्न परीक्षा में आ सकते हैं।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर लेखक का बचपन का नाम और असल नाम (भोलानाथ और तारकेश्वरनाथ) को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं।
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सिर्फ़ इतना लिख देते हैं कि 'पिता के साथ खेलता था'। लेकिन सिर्फ़ खेलना ही नहीं, उनके हर काम में शामिल होना, उनका दुलार, और माँ से ज़्यादा पिता से जुड़ाव — ये सभी बातें विस्तार से बत…
रुकिए — यहाँ ज़्यादातर बच्चे यह गलती करते हैं। बच्चे अक्सर सोचते हैं कि माँ बस खाना खिला रही है, लेकिन वे यह समझना भूल जाते हैं कि इसके पीछे उनका गहरा प्यार और वात्सल्य छिपा होता है। सिर्फ क्रिया को मत देखो, उसके पीछे की भावना को समझो!
याद रखने की आसान ट्रिक
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — शिव'पूजन सहाय' और बचपन का नाम 'भोलानाथ' — दोनों नाम भगवान शिव से जुड़े हैं। 'भोला' भी शिव जी का एक नाम है और 'पूजन' मतलब पूजा करना। तो बस याद रखना, शिव जी की पूजा करने वाले 'भोलानाथ' थे।
इसे याद रखने की एक आसान तरकीब है — याद रखो, 'भोलानाथ और बाबूजी' यानी 'बेस्ट फ्रेंड बाबूजी'। वो एक-दूसरे के साथ हर पल रहते थे, चाहे पूजा हो या खेल!
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे हमारे गाँव में कोई बुज़ुर्ग दादा जी हों, जो पहले सरकारी नौकरी करते थे, फिर गांधी जी के आंदोलन में शामिल होकर नौकरी छोड़ दी हो।
इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसे समझिए — जैसे आपका कोई दोस्त हो जिसके साथ आप स्कूल भी जाते हो, खेलते भी हो और घर आकर मम्मी-पापा से उसकी बातें भी करते हो, बिल्कुल वैसा रिश्ता था भोलानाथ का।
अभ्यास प्रश्न
अब खुद अभ्यास कीजिए — शिवपूजन सहाय जी के बचपन का क्या नाम था? उन्होंने किस आंदोलन के प्रभाव से सरकारी नौकरी छोड़ी? शिवपूजन सहाय जी की कोई दो प्रमुख गद्य-कृतियों के नाम बताइए। शिवपूजन सहाय जी ने किन-किन प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का संपादन किया?
अब खुद अभ्यास कीजिए — भोलानाथ को उनके पिताजी किस नाम से पुकारते थे? भोलानाथ अपने पिता को क्या कहकर बुलाते थे? भोलानाथ अपने पिता के साथ गंगा किनारे क्या करने जाते थे? पिता-पुत्र के संबंध में कुश्ती के खेल का क्या महत्व था?
अब खुद अभ्यास कीजिए — भोलानाथ की माँ उसे कैसे कपड़े पहनाती थीं? भोजन खिलाते समय माँ पिताजी से क्या कहती थीं? माँ अपने बच्चे को भोजन कराने के लिए कौन सा सूत्र बताती हैं? भोलानाथ साँप को देखकर सीधे अपनी माँ के पास क्यों भागा, पिताजी के पास क्यों नहीं गया?
अब खुद अभ्यास कीजिए — माँ भोलानाथ के सिर पर कौन सा तेल डालती थीं? भोलानाथ को तैयार होने में क्या अच्छा नहीं लगता था? माँ भोलानाथ की चोटी में क्या बांधती थीं? भोलानाथ श्रृंगार के बाद किसकी गोद में सिसकते-सिसकते बाहर आता था?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कक्षा 10 Hindi अध्याय 2 'माता का आँचल' कहाँ से पढ़ें?Invidya पर इस अध्याय के 4 वीडियो पाठ, AI सुपर टीचर, मुफ़्त PDF और प्रश्न-उत्तर — सब एक जगह, बिना किसी शुल्क के।
'माता का आँचल' अध्याय में कौन-कौन से मुख्य विषय हैं?इस अध्याय के मुख्य विषय: लेखक-परिचय: शिवपूजन सहाय, भोलानाथ का अपने पिता के साथ संबंध, माँ का वात्सल्य और भोजन कराने का ढंग, माँ द्वारा भोलानाथ का श्रृंगार, बच्चों के ग्रामीण खेल और नाटक, मूसन तिवारी का प्रसंग और गुरु जी की पाठशाला।
क्या 'माता का आँचल' की PDF और प्रश्न-उत्तर मुफ़्त हैं?हाँ। अध्याय की PDF और प्रश्न-उत्तर invidya.in पर मुफ़्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
इनविद्या Invidya — कक्षा 6 से 12 की मुफ़्त ऑनलाइन पढ़ाई: वीडियो पाठ, eबुक PDF, AI सुपर टीचर, बोर्ड परीक्षा तैयारी। मुख्य पृष्ठ · सभी कक्षाएँ · संपर्क · गोपनीयता · नियम
© 2026 Invidya (इनविद्या) — सर्वाधिकार सुरक्षित